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देश बढ रहा है

Posted On 9 Jul, 2016 में

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देश बढ रहा है
दिल्ली वाले सरजी ने कहा था कि ” कोई अापसे रिश्वत मांगे तो उसका विडियो बना लेना और मुझे भेज देना,मैं उसे गिरफ्तार करूंगा ” लेकिन जब सीबीअाई के पास् सरजी के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार की घूसखोरी की औडियो क्लिप का सच एवं सही होने का सबूत है तो सरजी की बोलती बंद क्यों ?
पीएम मोदी ने भी कहा था कि कहीं भी भ्रष्टाचार दिखे तो सरकार को अवगत कराएँ लेकिन पिछले दो साल मे एक भी भ्रष्टाचारी अधिकारी पकड़ा नही गया ,इसका मतलब यही है कि देश भ्रष्टाचार मुक्त हो गया है ?
लंबी दूरी वाली ट्रेनों मे रिजर्व बोगियों मे हिजड़े घुसकर जबरदस्ती वसूली करते हैं ,लेकिन यह अातंवाद नही बल्कि सामाजिक न्याय है क्योंकि जीअारपी वाले केवल अाधा ही तो हिस्सा खाते हैं ?
कांवड़ यात्रा शुरू होने को है ,कुछ ही दिनों मे कांवड़ शिविर लगाने वाले सड़क किनारे दुकानदारों से अाटा चीनी घी अालु मसाले दाल चावल और नगद रोकड़ा भी वसूलेंगे और जो नही देगा ,उसकी फुल बॉडी मसाज निश्चित है,यह धार्मिक सहिष्णुता है
जब भी शहर मे कोई नया पुलिस अधिकारी अाता है तो पुराने की विदाई रस्म निभायी जाती है,या कोई मंत्री अाने वाला होता है या फिर किसी पुलिस अधिकारी के बच्चे का जन्मदिन हो या शादी की वर्षगांठ ,शहरवासियोंं को अपनी जेब मे पचास सौ रुपया जेब मे रखकर निकलना चाहिए क्योंकि हर चौराहे पर् ट्रेफिक पुलिस या लोकल पुलिस अापका इंतजार कर रही होती है ,भले ही ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के कागज हों लेकिन प्रदूषण सर्टिफिकेट तो सजा दिलवाकर ही रहेगा !!!बचने के लिए ,अाप समझदार हैं
घर मे चोरी हो जाय तो अगर नेताओं पर् भरोसा करके पीड़ित ने पुलिस मे रिपोर्ट दर्ज करा दी तो चोरी से अधिक नुकसान तो पुलिस वाले ही कर देंगे
मंदिर के बाहर बैठा भिखारी हाथजोड़कर दो चार सौ रुपया कमा लेता है लेकिन कोर्ट से न्याय मिलना अासान नही /एक फोन काल पर् पचास डॉक्टर घर पर् मरीज देखने को तैयार हो जाएंगे क्योंकि डॉक्टरों की भारी कमी है लेकिन पचास कॉलों पर् बिजली का मिस्त्री या प्लंबर घर पर् अाने को तैयार नही क्योंकि बेरोजगारी बहुत बढ गयी है /राजमजदूरों के रेट प्रति वर्ग फुट तय हैं जिसमे रत्ती भर भी फेर बदल संभव नही जबकि डॉक्टर की फीस की संख्या मे एक अंतिम शून्य से लेकर दो शून्यों तक का अंतर हो जाता है /फ़िल्म पसंद न अाये तो लोग शराब पीकर मूड सही कर लेते हैं लेकिन डॉक्टर का इलाज पसंद न अाये तो डॉक्टर की सर्विस या नर्सिंग होम की तोडफ़ोड़ …
घरेलू या दुकान पर् बिजली फाल्ट हो जाय तो बिजली विभाग के कर्मचारी तुरंत सेवा देने को तैयार हो जाते हैं बस तीन चार सौ रुपया का सर्विस टैक्स ही तो देना होता है और अगर नही दे सकते हैं तो बिजली बिल की फोटोस्टेट कॉपी जमा करवाकर अपने नंबर की प्रतीक्षा करिये क्योंकि देश मे कानून का राज चलता है
बिक्रीकर विभाग मे फार्म 38 निशुल्क बंटता है लेकिन अगर पचास रुपए बाबू को नही दिये तो न सर्वर चलता है और फार्मों की भारी कमी दिखने लगती है,अब इतना तो बनता है ही क्योंकि बाबूजी और अधिकारियों के अपने भी खर्चे हैं जी !!
देश बदल रहा है ,अागे बढ रहा है ,130 करोड़ लोगों की भीड़ मे अाप पीछे क्यों
रचना रस्तोगी

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